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आज टूलकिट मामले में पूछताछ के लिए पूर्व सीएम के आवास पर पहुंची रायपुर पुलिस

भाजपा वालों के लिए ‘टूलकिट मामला’ अब एक मुसीबत बन चुका है। मामला घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। आज छत्तीसगढ़ के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने कुछ भाजपा नेताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया। इस धरने में डॉ. रमन सिंह के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत समेत सैकड़ों की संख्या में भाजपा नेता सिविल लाईन पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। बता दें, इसी दौरान ‘टूलकिट’ मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो गई है। मामले में आज दोनों को समन भी भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें, रमन सिंह को अपने घर ही उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि सिविल लाइन थाने के पास स्थित उनके निवास पर टीम पूछताछ करेगी। रायपुर पुलिस की टीम पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के आवास पर पहुंची। वहीं सीएम ने बोला कि वह इस मामले को लेकर अदालत जाएंगे।

इसके साथ ही नोटिस में साफ तौर पर बोला गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह इस बात की जानकारी दें कि उनके नाम का ट्विटर अकाउंट उनका है और इसके एक्सेस का ब्यौरा दें। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को इस नोटिस में यह भी बोला गया है कि कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड हैशटैग का प्रयोग करते हुए अन्य व्यक्तियों से की गई बातचीत की भी जानकारी दें।

गौरतलब है कि टूलकिट मामले के सामने आ जाने के बाद से राज्य के सत्ताधारी कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ यहां के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि दोनों नेताओं ने अपने अध‍िकारिक टि्वटर अकाउंट से कांग्रेस पार्टी के फर्जी लेटर हेड को शेयर कर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का कार्य किया हैं। इसके बाद ही राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया।

बता दें कि पुलिस ने भाजपा के वरिष्ठ नेता संबित पात्रा को भी रविवार को थाना में उपास्थित होकर और वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से अपना बयान दर्ज कराने हेतु निर्देशित किया था, जिस पर पात्रा के वकील ने ईमेल के माध्यम से जवाब देकर पात्रा के बयान देनें में असमर्थता व्यक्त करते हुए रायपुर पुलिस से आगे की तारीख मांगी है।

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