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ब्लैक फंगस के बढ़ते कहर को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों ने दवा संकट की दी सूचना

दिल्ली में जिस तरह से Mucormycosis या ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहें हैं, अस्पतालों को एम्फोटेरिसिन बी की कमी का भारी सामना करना पड़ रहा है, जो बहुत ही दुर्लभ है लेकिन कभी-कभी घातक बीमारी के इलाज में यह इस्तेमाल होने वाली एंटीफंगल दवा है।

Mucormycosis एक दुर्लभ कवक संक्रमण है, जो mucormycetes नामक सांचों के समूह के कारण होता है, जिसमें चेहरे का सुन्न होना, नाक में रुकावट, आंखों या गालों में सूजन और नाक में काली सूखी पपड़ी जैसे लक्षण होते हैं।

राजधानी दिल्ली में डॉक्टरों का कहना है, इस मामले को कुछ ऐसे कोविड मरीजों में देखे जा रहे हैं जिन्हें लक्षणों के इलाज के लिए स्टेरॉयड दिया गया था, खासकर उन लोगों में जो मधुमेह और कैंसर से पीड़ित हैं।

बताया जा रहा है कि वर्तमान में अस्पताल में लगभग 70 मामले हैं। उनमें से लगभग 50 भर्ती हैं, जबकि अन्य प्रतीक्षा सूची में हैं। मामले ज्यादातर उन लोगों में देखे जा रहे हैं जो मधुमेह और कैंसर से पीड़ित हैं, ”डॉ डीएस राणा, चेयरपर्सन, सर गंगा राम अस्पताल” ने बोला।

साथ ही डॉक्टर ने बताया कि शहर के अन्य अस्पतालों में भी इस मामलों में काफी वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें शहर भर में मैक्स अस्पताल की शाखाओं में 25, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में 10 और फोर्टिस वसंत कुंज में तीन मामले हैं।

पहले जहां छोटे अस्पतालों और फार्मेसियों को दवा खरीदने में परेशानी हो रही थी, वहीं अब बड़े अस्पताल भी इस संकट से काफी प्रभावित हुए हैं।

 

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