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लोजपा के नेता चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को लिखा पत्र

आप सभी को ज्ञात हो कि बीते कुछ समय से बिहार में काफी राजनैतिक विवाद चल रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति में काफी हलचल मचती हुई देखी जा रही है। ऐसे में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) पर मानो जैसे बहुत बड़ी आपदा आ गई हो। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने पार्टी के नवनिर्वाचित नेता पशुपति कुमार पारस को लोकसभा में पार्टी का नेता बताए जाने पर काफी आपत्ति जताई है। चिराग ने सदन के अध्यक्ष ओम बिड़ला को एक पत्र लिखकर बोला कि यह उनकी पार्टी के संविधानों के प्रावधानों के पूरी तरह से विपरीत है। उन्होंने अध्यक्ष से उनके पक्ष में नया सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया।

चिराग पासवान के समर्थकों ने बुधवार को लोकसभा में पार्टी के नए नेता पशुपति कुमार पारस के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इन सबको मद्देनजर रखते हुए नवनिर्वाचित नेता के आवास के बाहर सुरक्षा सख्त कर दी गई है। पत्र में पार्टी के संंविधान का हवाला देते हुए बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष को ही संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है। चिराग ने पत्र में यह भी लिखा है कि उन्हें ही फिर से संसदीय दल का नेता नियुक्त किया जाए। दरअसल LJP में पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच गंभीर घमासान जारी है। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं लेकिन अब आमने-सामने की राजनैतिक भिड़ंत है।

चिराग ने पत्र में यह भी लिखा है कि सदन में नेता की नियुक्ति का फैसला संसदीय समिति का होता है न कि सांसदों का। ऐसी खबरें हैं कि मुझे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष को तब ही हटाया जा सकता है जब तक उनका निधन नहीं होता या फिर इस्तीफा नहीं देते हैं। उन्होंने आगे बोला, ‘जब मेरे पिता (राम विलास पासवान) अस्पताल में भर्ती थे तभी से कुछ लोग पार्टी को तोड़ने के प्रयास में लगे थे। चिराग ने बताया, ‘जब मैं बीमार था तभी यह सारी साजिश रची गई। मैंने इस बारे में चाचा से बात करने की कोशिश भी की थी लेकिन मैं असफल रहा।’

बता दें कि मंगलवार को पशुपति पारस ने चिराग पासवान को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। इसके बाद से चिराग ने बागी सभी पांच सांसदों को पार्टी से बाहर निकाल दिया।

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