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RSS के पदाधिकारी ने अपने ट्विटर अकाउंट से खोया नीला सत्यापित बैज, उपराष्ट्रपति की हुई बहाली

ट्विटर ने बीते दिन शनिवार को भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के निजी ट्विटर हैंडल से सत्यापित ‘ब्लू टक’ वापस ले लिया। हालांकि इसके कुछ ही घंटों बाद उपराष्ट्रपति नायडू के ट्वीटर हैंडल में बहाल कर दिया गया, लेकिन आरएसएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह ट्विटर की ओर से एक अच्छा कदम नहीं था।

समाचार एजेंसी RSS के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि संगठन के प्रमुख मोहन भागवत और उनके सहयोगी सुरेश सोनी, अरुण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण कुमार भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनके हैंडल ने अपना सत्यापित ‘ब्लू टिक’ खो दिया है।

RSS के एक प्रवक्ता ने बताया, “हमने मामले का संज्ञान लिया है और इस पर गौर कर रहे हैं।” संगठन प्रमुख भागवत के हैंडल पर 209k फॉलोअर्स हैं और इसमें शामिल होने के बाद से उन्होंने कुछ भी ट्वीट नहीं किया है।

इस बीच, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के हैंडल के बारे में, ट्विटर के सूत्रों ने संकेत दिया कि ब्लू टिक हटा दिया गया था क्योंकि पिछले साल जुलाई से उपराष्ट्रपति का व्यक्तिगत खाता निष्क्रिय था। मंच से एक आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है।

उपराष्ट्रपति नायडू के ट्विटर हैंडल- @MVenkaiahNaidu- में 13 लाख फॉलोअर्स हैं। उनके अकाउंट से आखिरी ट्वीट 23 जुलाई, 2020 को हुआ था, जिससे पता चलता है कि उपराष्ट्रपति तब से अपने निजी अकाउंट पर सक्रिय नहीं हैं।

हालाँकि, उपराष्ट्रपति नायडू वहीं भारत के उपराष्ट्रपति के अपने आधिकारिक हैंडल @VPSSecretariat से सक्रिय हैं, जिस पर अभी भी सत्यापित ‘ब्लू टिक’ है। इसमें 931.3k फॉलोअर्स हैं।

ट्विटर पर सत्यापित ‘ब्लू टिक’ इस बात को दर्शाता है कि एक खाता प्रामाणिक है और बैज प्राप्त करने के लिए, विशेष खाता प्रामाणिक, उल्लेखनीय और सक्रिय होना चाहिए।

शनिवार को, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर को नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए “एक आखिरी मौका” देते हुए एक नोटिस जारी किया।

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